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Strandja Memorial Boxing : अमित पंघाल, निकहत जरीन और मीना कुमारी ने लगाया गोल्डन पंच



एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता अमित पंघाल ने बुल्गारिया के सोफिया में चल रही 70वीं स्ट्रांजा मेमोरियल मुक्केबाजी चैंपियनशिप में लगातार दूसरे साल स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि महिलाओं में पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन निकहत जरीन और मीना कुमारी देवी ने पीले तमगा अपने नाम किए.

हरियाणा से आने वाले सेना के जवान अमित ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कजाखस्तान के टेमीरतास झुसुपोव को एकतरफा मुकाबजे में 5-0 से शिकस्त दी. अंतिम बाउट के बाद झुसुपोव के सिर से खून बहने लगा था. दो बार की राष्ट्रीय पदक विजेता निकहत ने 51 किलो वर्ग के फाइनल में फिलीपींस की आयरिश मागनो को 5-0 से हराया. वहीं मीना ने फिलीपींस की ही आइरा विलेगास को 54 किलो वर्ग में 3-2 से मात दी. पिछली बार कांस्य पदक जीतने वाली मीना ने इस बार पदक का रंग बेहतर किया.

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वहीं, पदार्पण कर रहीं मंजू रानी को 48 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक से संतोष करना पड़ा. पूर्व विश्व चैंपियन फिलिपींस की ही जोसी गबुको ने भारत की मंजू रानी को 4-0 से परास्त कर उन्हें रजत पदक तक ही रोक दिया. गाबुको का अनुभव युवा मंजू के लिए भारी पड़ा. मंजू को 1-4 से हार मिली थी, लेकिन रेफरी द्वारा बाउट खत्म होने के बाद भी पंच मारने के कारण उन्हें चेतावनी मिली और वह एक अंक गंवा बैठीं.

इन तीनों मुक्केबाजों ने अपने स्वर्ण पदक 14 फरवरी को पुलवामा में आंतकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को समर्पित किए हैं. निकहत ने सोफिया से फोन पर पीटीआई से कहा, ‘ मैं यह पदक पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित करती हूं. एक देश के तौर पर यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन था.’ भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल तीन स्वर्ण, एक रजत, तीन कांस्य पदक हासिल किए. भारत ने पिछली बार 11 पदक जीते थे जिनमें दो स्वर्ण थे.

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इससे पहले सोमवार को पी बासुमतारी (64 किलो), नीरज (60 किलो) और लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. बासुमतारी को इटली की वेलेंटिना अलबर्टी ने हराया जबकि नीरज को स्वीडन की एग्नेस एलेक्सियूसन ने मात दी. विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता और इंडिया ओपन विजेता बोरगोहेन को चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन ने मात दी.

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