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नवरात्रि में माता की पूजा करने से पहले पूजा स्थान की सफाई करना बेहद आवश्यक है। आप मंदिर के परदों व कपड़े की साफ−सफाई के साथ मूर्तियों को भी अवश्य साफ करें। इसके अलावा कई बार धूप−अगरबत्ती जलने के बाद वहीं गिर जाती है तो उसे भी साफ करें।

वैसे तो मां को अपना बच्चा बेहद प्यारा होता है और वह उसका हमेशा ध्यान रखती हैं। लेकिन फिर भी मां से विशेष प्रेम और स्नेह पाने के लिए बच्चों को कुछ अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। ऐसा ही एक पर्व है नवरात्रि। जब माता की भक्ति करके हर कोई उनकी विशेष कृपा पाने की आस रखता है। हालांकि ऐसा करना कठिन नहीं है। अगर आप कुछ छोटे−छोटे उपाय अपनाते हैं तो मां की विशेष कृपा के पात्र बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही वास्तु उपायों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें नवरात्रि में अपनाकर आप मां की भक्ति का विशेष लाभ उठा सकते हैं−

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जरूर करें सफाई

वास्तु शास्त्री डॉ. आनंद भारद्वाज बताते हैं कि नवरात्रि में माता की पूजा करने से पहले पूजा स्थान की सफाई करना बेहद आवश्यक है। आप मंदिर के परदों व कपड़े की साफ−सफाई के साथ मूर्तियों को भी अवश्य साफ करें। इसके अलावा कई बार धूप−अगरबत्ती जलने के बाद वहीं गिर जाती है तो उसे भी साफ करें। वहीं अगर धूप−अगरबत्ती के कारण मंदिर का कपड़ा या परदा आदि हल्का सा जल गया है या उसमें निशान हो गया है तो उसे तुरंत बदल दें। 

बदल दें मूर्ति

वास्तु शास्त्री डॉ. आनंद भारद्वाज के अनुसार, पिछली नवरात्रि के बाद अगर माता की या फिर मंदिर में रखी कोई मूर्ति खंडित हो गई है तो यह बेहद जरूरी है कि आप उसे अवश्य बदल दें। भले ही मूर्ति में हल्का क्रैक हो, लेकिन खंडित मूर्ति की पूजा नहीं करना चाहिए। आप चाहें तो चांदी की मूर्ति भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

मूर्ति की ऊंचाई

वास्तु शास्त्री डॉ. आनंद भारद्वाज कहते हैं कि अगर आप इस नवरात्रि माता की नई मूर्ति खरीद रहे हैं तो ध्यान रखें कि उसकी ऊंचाई नौ इंच से अधिक ना हो। हालांकि ऊंचाई नापते समय माता का छत्र या आसन जैसे शेर आदि को नहीं नापा जाता। सिर्फ माता की मूर्ति की ऊंचाई नौ इंच होनी चाहिए। वहीं अगर आप फोटो लगा रहे हैं तो उसके लिए ऊंचाई का कोई नियम नहीं है।

लाल रंग का हो इस्तेमाल

वास्तु शास्त्री डॉ. आनंद भारद्वाज कहते हैं कि अगर आप नवरात्रि के दिनों में माता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो लाल रंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। इसके अलावा आप गोल्डन या कीमती धातु के कलर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। जैसे माता के लाल कपड़े या फिर गोटा वाले कपड़े का इस्तेमाल करें। इसके अलावा माता की पूजा के दौरान पीले व लाल रंग के फल व फूल का इस्तेमाल अधिक से अधिक करें।

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ओम् या स्वास्तिक बनाएं

माता की विशेष कृपा पाने के लिए आप नवरात्रि की शुरूआत में अपने घर के मुख्य द्वार पर ओम् या स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। यह आपके घर में सकारात्मकता का संचार करता है। इसके अलावा आजकल ऐसे बन्दनवार मिलते हैं, जिनमें माता की तस्वीर होती है, आप उन्हें भी अपने घर के मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं। वहीं अगर आपके मुख्य द्वार पर इतनी जगह नहीं है तो आप मंदिर के दरवाजे पर इस बन्दनवार को लगाएं।

जरूर करें इस मंत्र का उच्चारण

अगर आप नवरात्रि के दिनों में माता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो आपको पूजा के दौरान या फिर घर में ऐसे भी नवार्ण मंत्र का उच्चारण अवश्य करें। यह नवार्ण मंत्र है− ओम् ऐं हृीं क्लीं चामुंडायै विच्चे। यह माता का बीज मंत्र या महामंत्र है और इसका उच्चारण करने से माता बेहद प्रसन्न होती है और इच्छापूर्ति करती हैं।

मिताली जैन

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