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वास्तुशास्त्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि कलश स्थापना के समय माता की प्रतिमा किस दिशा में रखनी चाहिए। अगर आप माता की मूर्ति को पश्चिम या उत्तर की ओर मुख करते हुए रखते हैं तो यह काफी शुभ माना गया है।

पुरुषोत्तम मास या मलमास लगने की वजह से इस बार नवरात्रों की शुरुआत 1 महीने देर से हो रही है। इस दौरान, अगर आप भी माता की प्रतिमा अपने घर में रख कर 9 दिन तक आराधना करने की सोच रहे हैं, तो यहां उससे संबंधित वास्तु की जानकारी हम आपको बताना चाहेंगे, जिसके अनुसार पूजा- स्थापना करने से आपको लाभ मिलेगा।

मूर्ति की लंबाई संबंधी वास्तु

अगर आप माता की मूर्ति अपने घर में नवरात्रों के दौरान स्थापित करने जा रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार घर के अंदर माता की अत्यधिक बड़ी प्रतिमा स्थापित करना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप 3 इंच की लंबाई वाली प्रतिमा की स्थापना अपने घर में करते हैं तो इसका उचित लाभ आपको मिलेगा।

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किस दिशा में रखें माता की प्रतिमा?

वास्तुशास्त्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि कलश स्थापना के समय माता की प्रतिमा किस दिशा में रखनी चाहिए। अगर आप माता की मूर्ति को पश्चिम या उत्तर की ओर मुख करते हुए रखते हैं तो यह काफी शुभ माना गया है। वहीं नवरात्रों में पूर्व या दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके पूजा की जाए तो उसका फल अधिक मिलता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके माता की पूजा करते हैं तो इससे आपकी चेतना जागृति में सहायता मिलती है। वहीं, अगर दक्षिण की तरफ आपका मुंह है तो आपको मानसिक शांति मिलती है।

पूजा या स्थापना की जगह

आप पूजा घर या जहां भी माता की मूर्ति की स्थापना करने की जगह सुनिश्चित किए हुए हों, उस स्थान के बाहर सिंदूर और हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं, जिससे आपको शुभ फल प्राप्त होगा। इसके साथ ही पूजा वाले स्थान या कमरे में हल्के रंगों का प्रयोग किया जाना चाहिए, जिसमें हल्का पीला, हरा, गुलाबी रंग हो सकता है। माता की प्रतिमा का रंग भी हल्का होना चाहिए, तब आपको सुख-समृद्धि प्राप्त होता है।

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कलश स्थापना की तैयारी

माता की प्रतिमा के सामने कलश स्थापना करने से पूर्व कलश में डालने के लिए साबुत सुपारी, फूल, पंचरत्न, इत्र, अक्षत ला कर रख लें। इसके अलावा लकड़ी के पाटे पर बिछाने के लिए सफेद कपड़ा या लाल कपड़ा रख लें। इन सभी सामग्रियों को कलश में डाल दें और पाटे पर कपड़ा बिछाकर कलश स्थापना कर लें। ध्यान रहे, कलश का मुंह ढका होना चाहिए और कलश के ढक्कन पर सफेद चावल भरे होने चाहिए और इसके ऊपर एक नारियल की स्थापना करना आवश्यक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण या उत्तर पूर्व दिशा में कलश स्थापना की जाए तो यह बेहद शुभ होता है।

इस तरह अगर आप माता की चौकी की स्थापना के समय इन बातों का ध्यान रखेंगे तो माता का आशीर्वाद आपको जरूर मिलेगा।

विंध्यवासिनी सिंह

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