ज्योतिष

शनि 142 दिन बाद यानी 29 सितंबर को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर वक्री से मार्गी हो रहे हैं। शनि के मार्गी होने से जिस राशि पर भी शनि के प्रभाव थे, वे काफी हद तक कम हो जाएंगे। आपको बता दें कि शनि 11 मई 2020 को वर्की हुए थे।

न्याय के देवता शनि देव 29 सितंबर से अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। इससे पहले 23 सितंबर को राहु-केतु का राशि परिवर्तन हुआ था। सितंबर का महीना कई ग्रहों के राशि परिवर्तन और चाल बदलने के लिहाज से काफी अहम रहा। अब सितंबर महीने की समाप्ति पर क्रूर ग्रह माने जाने वाले शनि वक्री से मार्गी होने जा रहे हैं। ज्योतिष में शनि के राशि परिवर्तन और मार्गी या वक्री होने का विशेष महत्व होता है क्योंकि शनि की चाल में यह बदलाव कई राशियों के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि यह परिवर्तन करियर, रुपए-पैसे और पारिवारिक स्थिति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगी। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने गए हैं। शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढ़ाई वर्षों का समय लेते हैं। 

इसे भी पढ़ें: ऑफिस में इन वास्तु टिप्स को आजमा कर पाएं तरक्की

शनि 142 दिन बाद यानी 29 सितंबर को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर वक्री से मार्गी हो रहे हैं। शनि के मार्गी होने से जिस राशि पर भी शनि के प्रभाव थे, वे काफी हद तक कम हो जाएंगे। आपको बता दें कि शनि 11 मई 2020 को वर्की हुए थे। इससे पहले 24 जनवरी को शनि ने धनु से मकर राशि में गोचर किया था। शनि का मार्गी होना एक बड़ी घटना है। शनि के मार्गी होने से मिथुन, कन्या, कर्क, धनु और वृश्चिक राशि वालों का फायदा होगा। शनि ढ़ाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं। इससे शनि की साढ़े साती और ढ़ैया शुरू होती है। विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र में व्रकी का अर्थ उल्टा और मार्गी का अर्थ सीधी चाल चलना। वक्री अवस्था में ज्यादतर ग्रह नकारात्मक प्रभाव डालते हैं जबकि मार्गी होने पर जातकों के जीवन पर इसका प्रभाव सकारात्मक रूप से पड़ता है। ऐसे में 29 सितंबर से शनि की मार्गी चाल से कई जातकों के जीवन में चल रही बाधाएं कम होंगी और उन्हें किस्मत का साथ मिलना आरंभ हो जाएगा। 

शनि के इस परिवर्तन से कुंभ राशि वालों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो गया है वहीं धनु और मकर राशि में पहले से ही शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा था, वह भी  इस साल के अंत तक समाप्त हो जाएगा। विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शनि के वक्री होने से जहां ढ़ैय्या और साढ़ेसाती जिन लोगों पर थी, उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा था, अब शनि इन लोगों को राहत देगा। मेष राशि वालों को राहत मिलेगी। इस राशि पर अष्टम की ढैय्या थी, जो अब समाप्त होगी। मिथुन राशि वालों को पारिवारिक समस्याओं में उलझना पड़ सकता है। धनु राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव अभी देखने को मिलेगा। इस साल के अंत तक ये प्रभाव भी कम हो जाएगा। मकर और कुंभ वालों पर भी शनि की साढ़े साती शुरू होगी। कुंडली देखकर ही व्यक्तिगत तौर पर जातक के बारे में शनि के अशुभ और शुभ प्रभाव के बारे में बताया जा सकता है। 

शनि की साढ़ेसाती- धनु, मकर और कुंभ राशि

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शनि इस समय मकर राशि में उल्टी चाल से चल रहे हैं। लेकिन 29 सितंबर 2020 के बाद मकर राशि में रहते हुए सीधी चाल यानी मार्गी होकर भ्रमण करेंगे। शनि की साढ़ेसाती धनु, मकर और कुंभ राशि पर है। शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। पहला, दूसरा और तीसरा। धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण है, मकर राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर पहला चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती चलने पर कई तरह की परेशानियां आने लगती है। समय पर काम पूरा नहीं होता है। बीमारियां घेरे रहती हैं और आर्थिक संकट बना रहता है।

इसे भी पढ़ें: देवों के आचार्य, देवशिल्पी और शिल्पकला के सृजनहार हैं भगवान विश्वकर्मा

शनि की ढैय्या- मिथुन और तुला राशि 

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना में शनि की ढैय्या भी को अशुभ माना जाता है। मौजूदा समय में मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। जन्म राशि से चौथे और आठवें स्थान पर गोचर करते हुए शनि की ढैया रहती है, जो ढ़ाई वर्ष तक चलती है यह भी जातक के लिए अति कष्टकारी रहती है।

आइए विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते हैं कि शनि के मार्गी होने से किन राशियों की चमकेगी किस्मत:-

मेष राशि 

शनि का मकर राशि में मार्गी होना आपके भाग्य में बढ़ोतरी करेंगे। क्योंकि शनि का आपकी राशि में भाग्य के स्थान में वक्री से मार्गी हो रहे हैं।

वृष राशि

सुखद और शुभफल देने वाली यात्राओं में वृद्धि होगी। आपकी राशि के लिए शनि का मार्गी होना आपके के लिए धन वृद्धि में सहायक होगा।

मिथुन राशि

शनि का मार्गी होना आपके लिए बाधाएं दूर करने वाला और कार्यो में सफलता दिलाने वाला होगा।

कर्क राशि

शनि का मार्गी होना आपके लिए सेहत के मामले में चली आ रही परेशानियों से निजात दिलाएगा।

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए पांचवे भाव में शनि का मार्गी होना वैवाहिक और रोमांटिक जीवन में रिश्तों की सकारात्मक प्रभाव छोड़ने वाला रहेगा। इसके अलावा धन लाभ के नए अवसर बनेंगे।

कन्या राशि 

कन्या राशि में शनि का मार्गी सुख के भाव में हो रहा है ऐसे में आपके जीवन में सुख-सुविधाओं में अच्छे संकेत हैं। वहीं जो जातक नौकरी या बिजनेस में सलग्न हैं उनके लिए विशेष अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं।

तुला राशि 

आपको शनि कठिन परिश्रम करवाने के बाद ही उचित फल प्रदान करेंगे। भाग्य का भरपूर सहयोग मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि 

तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। ऐश्वर्य और सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

धनु राशि

शनि के धनु राशि में मार्गी होने से आपको लाभ मिल सकता है। मार्गी शनि शुभ फल देते हैं। ऐसे में आपको सभी तरह के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। मार्गी शनि आपके लिए उन्नति का योग बना रहे हैं।

मकर राशि

मकर राशि शनि की राशि है। यह आपकी 12वें स्थान से वक्री से मार्गी हो रहे हैं। आपके लिए अच्छा संकेत है। भविष्य में धन लाभ, मान सम्मान और किस्मत का साथ मिलने के अच्छे संकेत हैं।

कुंभ राशि

मकर राशि के अलावा कुंभ को शनि का स्वामित्व मिला हुआ है। नौकरीपेशा जातकों के लिए शनि का मार्गी होना उनके के लिए लाभकारी रहेगा। अब से पुराने अटके हुए काम पूरे होंगे। धन लाभ मिलने की पूरी संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए शनि का मार्गी होना मिलाजुला परिणाम लाने वाला रहेगा।

शनि के सरल उपाय

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि हनुमान चालीसा एवं शनि चालीसा का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को सरसों के तेल का दीपक जलाएं, दर्शन का लाभ लें। मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। शनिवार के दिन शनि मंदिर में छाया दान अवश्य करें। गरीब, वृद्ध, असहाय लोगों को भोजन कराएं। पशु पक्षियों के लिए दाने, हरे चारे, पानी की व्यवस्था करें। तेल का दान भी करना चाहिए। तेल दान करने से आपको अपने कष्टों से छुटकारा मिलता है। शनिवार को लोहे से बनी चीजों को दान करना चाहिए। इस दिन लोहे का सामान दान करने से शनि देव शांत होते हैं। लोहा दान देने से शनि की दृष्टि निर्मल होती है। काले घोड़े की नाल का छल्ला शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करें। इससे आपको काफी फायदा होगा।

– अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक

Source link

%d bloggers like this: