ज्योतिष

शनि व बुध शुक्र के मित्र ग्रहों में आते है। शुक्र ग्रह के शत्रुओं में सूर्य व चन्द्रमा है। शुक्र के साथ गुरु व मंगल सम सम्बन्ध रखते हैं। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशिगत संज्ञक तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक कहे गए हैं।

शुक्र देव 28 सितंबर 2020 को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और 23 अक्टूबर तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। इसके बाद शुक्र ग्रह का गोचर कन्या राशि में होगा। शुक्र को सभी ग्रहों में सबसे चमकदार ग्रह माना जाता है। चूंकि शुक्र एक शुभ ग्रह है इसलिए कुंडली में इसकी अच्छी स्थिति से जातकों को जीवन में कई सुख सुविधाएँ मिलती हैं लेकिन मुख्य रुप से प्रेम, भौतिक सुखों में इसकी मजबूती से वृद्धि होती है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में भी शुक्र की स्थिति का असर पड़ता है, यदि कुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में है तो दांपत्य जीवन सुखद रहता है। वहीं शुक्र की दुर्बल स्थिति व्यक्ति के वैवाहिक जीवन को खराब कर सकती है।

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि जातक के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान ग्रह शुक्र कर्क राशि की यात्रा समाप्त करके 27 सितंबर की मध्यरात्रि 00:50 बजे सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 23 अक्टूबर की सुबह 10:42 बजे तक रहेंगे उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सिंह राशि सूर्य की राशि है जिनका शुक्र से परस्पर शत्रुवत सम्बन्ध है इसलिए किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि शुक्र सिंह राशि में रहते हैं तो बहुत अच्छा फल नहीं दे पाते। जातक के जीवन में भौतिकता का अभाव तथा उदासीनता लाने का प्रयास करते रहते हैं किंतु, जन्मकुंडली में यदि सूर्य की स्थिति अच्छी हो तो शुक्र का दुष्प्रभाव उतना असर कारक नहीं रहता।

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विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शनि व बुध शुक्र के मित्र ग्रहों में आते है। शुक्र ग्रह के शत्रुओं में सूर्य व चन्द्रमा है। शुक्र के साथ गुरु व मंगल सम सम्बन्ध रखते हैं। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशिगत संज्ञक तथा मीन राशि में उच्चराशिगत संज्ञक कहे गए हैं। 

चूंकि शुक्र ग्रह का गोचर सिंह राशि में होने जा रहा है, इसलिए सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। तो आइए विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते हैं कि शुक्र के गोचर से आपके जीवन में क्या परिवर्तन आएंगे।

मेष राशि 

शुक्र का गोचर आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस भाव से संतान, बुद्धि, विद्या आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त होगी, धनलाभ के योग बन रहे हैं, आपके अंदर की कला लोगों के सामने आ सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को इस दौरान कमाई के नये साधन मिल सकते हैं। इस समय अब्धि में संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में आपका प्रदर्शन काफी अच्छा रहेगा, और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। अविवाहित प्रेमी जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा, इस दौरान आप अपने प्रेमी के साथ अधिक से अधिक समय बिताना पसंद करेंगे, और रोमांटिक मूड में रहेंगे। शादीशुदा जातकों की मैरिड लाइफ भी अच्छी रहेगी। आर्थिक दृष्टि से हालात अच्छे बने रहने की उम्मीद है।

वृषभ राशि 

शुक्र का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक की माता और सुख-सुविधाओं का विचार किया जाता है। शुक्र का इस भाव में दिग्बली होकर बैठना जातक की सुख-सुविधाओं में वृद्धि करने वाला होगा। यहाँ बैठे शुक्र अपनी पूर्ण दृष्टि से कर्म स्थान को दृष्ट कर रहे हैं, जिस कारण इस राशि के जातक कार्यक्षेत्र में अद्भुत सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान आपकी माताजी का स्वास्थ्य भी अनुकूल रहेगा, घर में सुख सुविधाओं की वृद्धि होगी, परिवार के लोगों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम की भावना बढ़ेगी जिससे पारिवारिक तालमेल बेहतर बनेगा। नए वाहन की खरीदारी के लिए भी समय अनुकूल है। पारिवारिक जीवन काफी बेहतर रहेगा, जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताने का मौका इस अवधि में आपको मिल सकता है। छात्रों के लिए यह समय अनुकूल रहने वाला है।

मिथुन राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के पराक्रम, धैर्य, और छोटे भाई-बहनों का विचार किया जाता है। कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से स्वयं को दूर रखें। इस दौरान आपको बिजनेस से सम्बंधित कुछ छोटी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। यात्रा के दौरान कुछ रचनात्मक लोगों से आपकी मुलाक़ात हो सकती है जिससे आपको कुछ नए अनुभव प्राप्त होंगे, और व्यवसाय में लाभ प्राप्त होंगे, इस समय आप निडरता से अपनी बातों को रखेंगे। साथ ही आपके व्यक्तित्व का भी विकास होगा और आपके अंदर आत्म-विश्वास बढ़ेगा। इस दौरान शुक्र की भाग्य भाव पर दृष्टि होने के कारण आपके भाग्य में वृद्धि होगी, और आपके रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। इस राशि के कुछ जातक इस दौरान अपने लव पार्टनर से शादी के बंधन में भी बंध सकते हैं।

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कर्क राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के कुटुंब, धन-धान्य, और वाणी का विचार किया जाता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी योग्यता सबके सामने निखर कर आएगी, आपकी संवाद क्षमता बेहतर होगी। जिस कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में कई प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे| इस दौरान आपको परिवार में भाई-बहन का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक रूप से मदद भी कर सकते हैं। आर्थिक पक्ष को लेकर कोई रुकी हुई योजना पुनः प्रारंभ हो सकती है। प्रॉपर्टी से भी फायदा संभव है। दाम्पत्य जीवन के लिए समय बेहतर है, विवाह के बंधन में बंध चुके इस राशि के जातकों को इस दौरान अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

सिंह राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि अर्थात लग्न भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के रूप रंग, स्वभाव, व्यक्तित्व आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति हो सकती है। यदि कोई वाहन खरीदना चाहते हैं, तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है। नौकरी के लिए समय अच्छा है, व्यवसायी वर्ग के लोगों को अचानक धन लाभ भी हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से खुश होकर आपके लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं। घर-परिवार में कोई समारोह हो सकता है या फिर किसी नए मेहमान का आगमन भी संभव है। घर में परिजनों के बीच सामंजस्य का वातावरण देखने को मिल सकता है, शादीशुदा ज़िंदगी में सुधार आएगा हालांकि थोड़े बहुत झगड़े संभव हैं इसलिए कुछ ऐसा न करें जिससे बात आगे बढ़े। वहीं प्रेम जीवन में साथी आपकी ओर अधिक आकर्षित होगा।

कन्या राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के व्यय, हानि, शैया सुख, विदेश यात्रा और मोक्ष आदि का विचार किया जाता है। यह समय आपके लिये कोर्ट कचहरी या रोग आदि में धन व्यय होने के योग बना सकता है। मस्तिष्क एवं नेत्र संबंधी रोगों के प्रति सचेत रहें। कभी कभी शत्रुओं से परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। आपकी राशि से शुक्र द्वितीय एवं भाग्य भाव के स्वामी हैं। इस समय आपके भाग्य में वृद्धि होगी, और आप कार्यक्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। आपके कार्य कौशल की प्रशंसा भी सहकर्मियों द्वारा की जा सकती है। इसका आपको अपेक्षित परिणाम भी मिल सकता है। लेकिन इस गोचर के दौरान आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। आपको बजट बनाकर ही आगे बढ़ना चाहिए, अगर आप कहीं इनवेस्ट करना चाहते हैं तो भी यह समय उचित नहीं है। अपनी सेहत के प्रति भी इस समय सचेत रहने की आवश्यकता है।

तुला राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के आय, लाभ, जेष्ठ भ्राता, उपलब्धियों आदि का विचार किया जाता है। आपके जो कार्य लम्बे समय से रुके हुए हैं, वो कार्य इस गोचर में पुरे हो सकते हैं। यह गोचर आपके लिए अच्छा रहने वाला है, बिजनेस में परिश्रम के अनुरूप आपको फल मिलेगा| इस गोचर में अपने क्रोध पर नियन्त्रण रखें, अन्यथा बेकार की परेशानियां आपको घेरे रखेंगी| लाभ स्थान में बुधादित्ययोग और लक्ष्मीनारायण योग होने से व्यापार, व्यवसाय, नौकरी में बड़ी सफलता मिलने के संकेत बन रहे है| यह योग आपको व्यापार-व्यवसाय और नौकरी में खूब तरक्की दिलाने वाले हैं| कार्यक्षेत्र में सफलता की राह और भी अधिक आसान्न होगी। इस दौरान आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। धन लाभ के भी प्रबल योग हैं| इस दौरान बड़े भाई-बहन का सहयोग भी प्राप्त होगा, और वहीं प्रेम जीवन में भी सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।

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वृश्चिक राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से दशवें भाव में होने जा रहा है। इस दौरान नौकरी और बिजनेस में लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यस्थल पर उन्नति की उम्मीद कर सकते हैं। यदि लंबे समय से पदोन्नति या वेतन वृद्धि की अपेक्षा है तो इस समय पूरी संभावनाएं हैं, हालांकि खर्च भी अधिक होंगे, लेकिन यदि आपका बिजनेस विदेश से जुड़ा है, तो अधिक लाभ होने के आसार हैं| इस समय कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों को लेने के मामले में आप असमंजस की स्थिति में भी रह सकते हैं। हमारी सलाह है कि वरिष्ठ सहयोगियों की सलाह आपका उचित मार्गदर्शन कर सकती है। आपको अपनी मेहनत का फल इस समय मिल सकता है। व्यक्तिगत जीवन भी सौहार्दपूर्ण रहने के आसार हैं। परिजनों के साथ अच्छा समय व्यतीत करने के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी और समाज में भी आपका दायरा बढ़ेगा। दाम्पत्य जीवन भी सुखमय रहने के आसार हैं।

धनु राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से नवमें भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा आदि का विचार किया जाता है। यह गोचर आपके लिए मिला-जुला रहने वाला है, इस समय व्यक्तिगत रूप से आप निराश रह सकते हैं। आपकी निराशा का कारण आपकी अपेक्षानुसार कार्यों का न होना हो सकता है। इस दौरान नौकरी और बिजनेस करने वालों को लाभ तो होगा, लेकिन कुछ कार्यों में बाधाएं होने से आप काफी बेचैन रह सकते हैं। हालांकि जीवनसाथी एवं परिजनों के साथ संबंध अनुकूल होने से आप थोड़ी राहत महसूस करेंगे। इस समय आप आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के प्रयास करते नजर आएँगे, लेकिन बहुत ज्यादा धन संचित करने में आप इस दौरान कामयाब नहीं हो पाएंगे। धन से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले सोच विचार अवश्य करें। इस समय अपने भाई-बहनों से संबंध मजबूत करने की कोशिश करें। अविवाहित जातक अपने विवाह को लेकर चिंतित रह सकते हैं, और संपत्ति संबंधी कोई विवाद भी इस समय बढ़ सकता है। कुल मिलाकर यह समय आपके लिए थोड़ा सचेत रहने का है।

मकर राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से आठवें भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक की आयु, मृत्यु का कारण, दु:ख-संकट, आर्थिक क्षति, आकस्मिक धन लाभ, आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान बिजनेस करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है| आपको अपने आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के अधिक प्रयास करने होंगे। किसी को उधार देने से बचें नहीं तो दूसरे की आर्थिक स्थिति तो अच्छी हो जाएगी लेकिन आप परेशानियों में फंस जाएंगे। किसी भी कार्य को करने में कोई हड़बड़ी न दिखाएं। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आपके लिये परेशानी का कारण बन सकता है। नौकरी करने वालों के लिए यह समय कुछ बेहतर रह सकता है। रोमांटिक जीवन आपका सुखमय बने रहने के आसार हैं। अपनी सेहत के प्रति इस समय सचेत रहें। क्योंकि आपकी सेहत गड़बड़ा सकती है। पेट से सम्बंधित परेशानी होने के आसार हैं।

कुंभ राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से सातवें भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से पति अथवा पत्नी, विवाह संबंध, विषय-वासना, सांझेदारी में व्यापार आदि का विचार किया जाता है। कार्यक्षेत्र की दृष्टि से देखा जाये तो यह गोचर आपके लिए लाभदायक रहेगा। नौकरी करने वाले लोगों को इस दौरान प्रमोशन मिल सकती है, वेतन में वृद्धि हो सकती है, और साझेदारी में व्यापार कर रहे लोगों को इस समय लाभ हो सकता है। यह गोचर आपके दाम्पत्य जीवन को खुशाल बनाने का काम करेगा, और आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिता पाने में कामयाब होंगे। आपका जीवनसाथी इस दौरान बिना कुछ कहे भी आपके मनोभावों को समझ जाएगा। शुक्र के इस गोचर के चलते आपके जीवन में रोमांस की भी अधिकता रहेगी। इस राशि के जो लोग प्रेम में पड़े हैं वो इस दौरान शादी के बंधन में भी बंध सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय मिलाजुला रहने वाला है।

मीन राशि 

शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होने जा रहा है। कुंडली के इस भाव से जातक के शत्रु, रोग, मामा पक्ष, जय-पराजय आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान किसी भी क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। आर्थिक पक्ष भी सामान्य रहने की उम्मीद है। इस अवधि में अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इसमें सफल होने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। ननिहाल पक्ष से रिश्ते खराब हो सकते हैं। अधिक कर्ज के लेन-देन और गुप्त शत्रुओं से बचते हुए कार्य संपन्न करें। बिजनेस करने वालों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है, अचानक कोई हानि हो सकती है, इस दौरान आपको सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं दुर्घटना से बचें। इस समय आपको पेट से जुड़ी हुई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा।

शुक्र के उपाय 

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मां लक्ष्मी अथवा मां जगदम्बा की पूजा करें। भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौवे और कुत्ते को दें। शुक्रवार का व्रत रखें और उस दिन खटाई न खाएं। चमकदार सफेद एवं गुलाबी रंग का प्रयोग करें। श्री सूक्त का पाठ करें। शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र, दही, खीर, ज्वार, इत्र, रंग-बिरंगे कपड़े, चांदी, चावल इत्यादि वस्तुएं दान करें।

– अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक

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