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अभिनेत्री पाउली दाम का कहना है कि वह सिनेमा में हमेशा महिलाओं के दृष्टिकोण को सामने रखना चाहती हैं और उनकी हाल की फिल्में इस सोच को दर्शाती हैं। बंगाली और हिन्दी सिनेमा में काम करने वाली दाम की 2020 में दो फिल्में ‘काली’ और ‘बुलबुल’ आयीं जिन्हें आलोचकों और दर्शकों दोनों ने खूब पसंद किया।

मुंबई। अभिनेत्री पाउली दाम का कहना है कि वह सिनेमा में हमेशा महिलाओं के दृष्टिकोण को सामने रखना चाहती हैं और उनकी हाल की फिल्में इस सोच को दर्शाती हैं।
बंगाली और हिन्दी सिनेमा में काम करने वाली दाम की 2020 में दो फिल्में ‘काली’ और ‘बुलबुल’ आयीं जिन्हें आलोचकों और दर्शकों दोनों ने खूब पसंद किया।
‘बुलबुल’ में अभिनेत्री ने जहां विधवा की भूमिका निभाई है वहीं ‘काली’ में वह अपने बेटे को बचाने के लिए भ्रष्टतंत्र से लड़ रही मां की भूमिका में थीं।
कोलकाता से ‘जूम’ पर पीटीआई से बातचीत में पाउली दाम ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से यही करना चाहती थी। ऐसा नहीं है कि मुझे मेरे करियर की शुरुआत से ही ऐसे मजबूत किरदार मिलने लगे।

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मुख्य धारा की सिनेमा में आप कुछ सीमित तरीके के किरदार ही कर सकते हैं। आप एक ही तरह से सोचते हैं। लेकिन मैं ऐसी फिल्में करना चाहती थी जहां महिलाओं की भूमिका प्रमुख हो, जहां वे मजबूत किरदार में हों।’’
दाम (40) ने 2006 में अपने करियर की शुरुआत की और तीन साल बाद नक्सल आंदोलन पर आधारित गौतम घोष के बंगाली ड्रामा ‘कालबेला’ से उन्हें लोकप्रियता मिली।
फिलहाल पाउली दाम की थ्रिलर फिल्म ‘रात बाकी है’ जी5 पर आने वाली है। इसमें अनूप सोनी और राहुल देव मुख्य भूमिका में हैं।

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