सकरन ब्लाक में बना सभागार कभी भी ले सकता है किसी की जान

सकरन ब्लाक में बना सभागार कभी भी ले सकता है किसी की जान

सकरन ब्लाक में बना सभागार कभी भी ले सकता है किसी की जान

निष्पक्ष जन अवलोकन 

सतीश कुमार सिंह परमार।।

अपने हालात पर आंसू बहा रहा सभागार,कभी भी हो सकता हादसा,जिम्मेदार बने धृतराष्ट्र।

सकरन(सीतापुर):भ्रष्टाचार की फ़िल्म देखना है तो आप कहीं न जा करके किसी भी वक्त सकरन ब्लॉक आ सकते, हादसे को दावत देता सभागार जो कभी भी किसी भी निरपराध की ले सकता जान पर जिम्मेदार हैं कि स्थिति से हैं अनजान।

सभागार की टूटी फाल सीलिंग जो कभी भी गिर सकती पर बीडीओ साहब के कार्यालय के समक्ष बने सभागार पर नहीं पड़ रही श्रीमानजी की नजर।

यही नहीं परिसर में लगे दो हैंडपम्प भी पीले गाढ़े जलनक साथ फ्रीजर टंकी में नहाते बंदरों के दूषित जल पर भी नहीं ले रहा कोई संज्ञान?परिक्षेत्र में लगे समर सेबल से रोज धुली जाती गाड़ियां बढ़ा रहीं शोभा इसी के साथ प्रति कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारियों की उपस्थिति भी ब्लॉक का नाम कर रहा रोशन,मनरेगा कार्यालय हो या जेई आरईएस या अधिकतर ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यालय हर जगह मिल जाएगी प्राइवेट कर्मचारियों की भीड़,आखिर ये सब अनियमितताएँ जब बीडीओ सकरन के समक्ष हो रहीं तो कैसे खुशहाल होगा गरीब ग्रामीण निवासी।क्षेत्र की खबर तो यहां तक है कि ग्राम प्रधानों द्वारा लिए गए दिव्यांग व प्रधानमंत्री आवासों में 10 से 20 हजार प्रति आवास लिए जाने के बावजूद भी धन की संकीर्णता के चलते करीब 83 आवासों की दूसरी क़िस्त नहीं हो पा रही जारी,अपात्रों को आवास आबंटन के मामले में कीर्तिमान स्थापित कर चुकी सकरन में बड़े बड़े खेलों के छुपे हैं राज।

अमानक कार्यों के लिए अपनी अलग पहचान बना चुकी सकरन का कब व कैसे होगा उद्धार व झूलती फाल सीलिंग के भय से आगंतुकों को कब मिलेगी निजात ये बस बीडीओ साहब ही जानते।