क्या तबादला एक्सप्रेस से ही मिल जाएगा पीड़ितों को न्याय चौकी सांडा

क्या तबादला एक्सप्रेस से ही मिल जाएगा पीड़ितों को न्याय चौकी सांडा

क्या तबादला एक्सप्रेस से ही मिल जाएगा पीड़ितों को न्याय चौकी सांडा

क्या तबादला एक्सप्रेस से ही मिल जाएगा पीड़ितों को न्याय?

दोनों पक्षों से नामजद अभी भी कार्यवाई से क्यों दूर?

सकरन(सीतापुर):थाना कोतवाली अंतर्गत पुलिस चौकी सांडा के ज्वलंत मुद्दे व सनसनीखेज वारदात से ध्यान भटकाने के लिए पुलिस महकमे की तबादला एक्सप्रेस से पीड़ितों को कितना व कब मिलता है न्याय ये भविष्य के गर्भ में पर इतना जरूर है किसी भी एंगल से दोषियों को बचाने के मामले में पुनः खड़ा हो सकता नया बखेड़ा।

जांच प्रक्रिया में लटका ज्वलंत मुद्दा कब तक बचाए रखता दोषियों को ये भविष्य ही करेगा तय पर नाबालिग लड़की के फरार करने वालों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अभी तक कोई पुलिसिया कार्यवाई न होना बड़े भ्रस्टाचार की तरफ इंगित कर रहा।ठीक इसी प्रकार मृतक युवक के भाई द्वारा नामजद किए गए लोगों पर पुलिस ने अभी तक क्या की कार्यवाही?विचारणीय!

अब जब मामले की जांच प्रक्रिया अपने अंतिम पायदान पर होगी तो क्या समय सीमा पूर्ति की बाट जोह रहे जांच अधिकारी या मामला ही है कुछ और पर इससे कोई गुरेज नहीं कर सकता कि बालिका घर से फरार नहीं हुई और उसके प्रेमी युवक की फांसी के द्वारा मृत्यु नहीं हुई ,अब मामला यहीं फस रहा,हां जांच रिपोर्ट पेश होने तक है इंतजार फिर मामले के हरेक पहलू की होगी जांच और होगा दूध का दूध पानी का पानी,यदि इस विषय मे कोई होती है सौदेबाजी तो दोनों पक्षकारों के खिलाफ भी अपराधी न खुलने तक प्रभावी कलम रहेगी चलती।

इसके पूर्व खबर प्रकाशन का परिणाम है कि आज मामले में कुछ उम्मीद की किरण सा दिख रहा पर है बहुत बड़ी भूल होगी कि जिम्मेदार अपराधी अपने अपराध से रहेंगे बचे व खत्म हो जाएगा कानून का राज,ऑंखपर पट्टी बांधे न्याय की देवी अमीरी गरीबी,ऊंची पहुंच,जाति धर्म से हटकर एक तराजू से करती हैं न्याय।

नवागत जिम्मेदार के द्वारा अपने कर्तव्य व जिम्मेदारी के बीच बड़ा सामंजस्य बनाकर करनी पड़ेगी सेवा,जिसके लिए लग रहा है,,,है कठिन डगर पनघट की।